बिहार में अपराधियों पर पुलिस का 'ऑपरेशन लंगड़ा': जहानाबाद मुठभेड़ में मुख्य आरोपी बिक्कू सिंह ढेर होने से बचा; पैर में लगी गोली
Police's 'Operation Langda' Against Criminals in Bihar
जहानाबाद। Police's 'Operation Langda' Against Criminals in Bihar, बिहार में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का सख्त अभियान अब जमीन पर भी असर दिखाने लगा है। बिहार पुलिस ने पांच दिनों में 6 अपराधियों का एनकाउंटर किया है। सभी के पैर में गोली लगी है।
जहानाबाद में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दीपक कुमार हत्याकांड के मुख्य आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ हिरामन को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसके बाद उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दाे दिन पहले की थी गोली मारकर हत्या
बताया जा रहा है कि दो दिन पहले भेलावर थाना क्षेत्र में चातर गांव निवासी दीपक कुमार की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।
इसी मामले में गिरफ्तार आरोपी बिक्कू सिंह उर्फ हिरामन को पुलिस हत्या में इस्तेमाल हथियार की बरामदगी के लिए घोसी थाना क्षेत्र के धुरियारी गांव स्थित नहर किनारे लेकर पहुंची थी।
इसी दौरान आरोपी ने छिपाकर रखे हथियार को निकालकर पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया।
अपराधी की गोली लगी थानेदार की गाड़ी में
अपराधी की गोली घोसी थाना प्रभारी की गाड़ी में जा लगी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। अचानक हुई फायरिंग के बाद पुलिस ने मोर्चा संभालते हुए आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।
पुलिस की गोली आरोपी बिक्कू उर्फ हिरामन के बाएं पैर में लगी, जिससे वह मौके पर ही घायल होकर गिर पड़ा। इसके बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।
घायल आरोपी को पहले घोसी पीएचसी ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे सदर अस्पताल जहानाबाद रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में कड़ी सुरक्षा के बीच चल रहा इलाज
फिलहाल भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच उसका इलाज चल रहा है। एसपी अपराजित लोहान ने बताया कि आरोपी की निशानदेही पर हथियार बरामदगी की कार्रवाई की जा रही थी।
इसी दौरान उसने पुलिस टीम पर हमला कर दिया, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस को जवाबी कार्रवाई करनी पड़ी।
पुलिस के अनुसार, बिक्कू उर्फ हिरामन एक शातिर अपराधी है।
उसके खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। घटना के बाद सदर अस्पताल को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया है। अस्पताल परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और आने-जाने वालों की सघन जांच की जा रही है।